UGC ने दिया बड़ा तोहफा, अब छात्रों के घर बैठे हो जाएंगे सारे काम

UGC Digilocker Notice : विशवविद्यालय ग्रांट कमीशन (UGC) ने सभी विद्यालयों और कॉलेजों को पत्र लिखा कि डिजिलॉकर अकाउंट (Digilocker Account) में मौजूद डिग्री, मार्कशीट और अन्य दस्तावेजों को वैध दस्तावेजों के रूप में स्वीकार करने की अपील की है। इस डिजिलॉकर अकाउंट में अब उन्हें मार्कशीट, डिग्री व अन्य सर्टिफिकेट भी एक्सेप्ट करने होंगे। यूजीसी ने यह आदेश 3 जनवरी को देश भर की यूनिवर्सिटी के लिए जारी किया था।

NAD के माध्यम से डिजिटल वर्क को बढ़ाने का उद्देश्य

UGC द्वारा आदेश जारी कर कहा गया था कि अब विद्यार्थियों के डॉक्यूमेंट को डिजिलॉकर पर NAD प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपलोड किया जाएगा। युनिवर्सिटी और शिक्षण संस्थानों को इन्हें एक्सेप्ट भी करना होगा। इसके साथ नेशनल एकेडमिक डिपॉज़िटरी (NAD) के माध्यम से डिजिटल वर्क को बढ़ाने का उद्देश्य रखा गया है।

डिजिलॉकर पर मिलेगा रिजल्ट

डिजिलॉकर छात्रों को ओरिजिनल सर्टिफिकेट जारी करने वाले संस्थान से सीधे डिजिटल रूप में सर्टिफिकेट प्राप्त करने में सहायता करता है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और कई राज्य ने डिजिलॉकर पर रिजल्ट और प्रमाण पत्र देना शुरू कर दिया है। छात्र अपने नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर ईमेल आईडी, और आधार कार्ड का नंबर उपयोग करके खुद को रजिस्टर कर सकते हैं और अपने डॉक्यूमेंट को प्राप्त कर सकते हैं।

डिजिलॉकर को एप्लिकेशन के माध्यम से कर सकते हैं एक्सेस

स्टूडेंट डिजिलॉकर को एप्लिकेशन या वेबसाइट के माध्यम से एक्सेस कर सकते हैं। रजिस्टर्ड कैंडिडेट के छात्रों को डिजिटल डॉक्यूमेंट तक पहुंचने से पहले अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए वेरिफिकेशन कर सकते हैं। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार ने विशवविद्यालय ग्रांट कमीशन (UGC) को NAD को एक स्थायी योजना के रूप में लागू करने के लिए एक आधिकारिक समिति के रूप में नामित किया है। शैक्षणिक संस्थान डिजिलॉकर एनएडी पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं और अपने संस्थान के शैक्षणिक डॉक्यूमेंट को नेशनल एजुकेशन डिपॉजिटरी पर अपलोड कर सकते हैं।